सिलिसिला...

 बीज की फितरत है फैलते जाने की, 

लेकिन ज़मीन की भी ज़िद है संभालने की,

पत्ते को जल्दी है निकल जाने की,

और फूल की चाह है खिल जाने की, 

लेकिन फल की ज़िद है फूल से फल बन जाने की, 

और एक बीज से अनेक बीज बनाने की,

और फिर ज़मीन पा कर फैलते ही जाने की | 

ये कुदरत का करिश्मा है या सिलिसिला चाहत का,

बीज बिना ज़मीन बंजर,

और ज़मीन पर ही है बीज पूर्णतः निर्भर|| 

                                                                     -Shipra Anadi Dev Kaushik

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